नशा करता है नाश

 नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है फिर शरीर का नाश हृदय है। शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैं फेफड़े, लीवर, गुर्दे, हृदय। शराब सबसे प्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है।


शराब में ऐसा नशा है जो अनमोल मानव जीवन को बर्बाद कर देती है। सद्भगति में ऐसा नशा है जो मर्यादा में रहकर की जाए तो जीवन को आबाद कर देती है। फैसला आपको करना है।
शराब व अन्य विकारों में मानव जीवन को उलझाकर मानव को सद्भगति से दूर रखना काल की सुनियोजित चाल है।
भोली जनता काल कसाई की चाल में फंस रही है।
शराबी व्यक्ति का शरीर रोगों की खान बन जाता है। जिस कारण उनके परिवार को उनके नशे और बीमारियों पर खर्च के कारण दोहरी मार पड़ती है। इन सब से निजात पाने के लिए रोज सुने संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग साधना टीवी पर रोजाना 7:30 pm से व ईश्वर टीवी पर रात 8:30 से


Comments

  1. Nashaa karta h naash ise tyagane me hi manav ka kalyan h✅

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    1. नशे के कारण जीवन बर्बाद हो जाता है मानव अपने मूल उद्देश्य से अनभिज्ञ रह जाता है

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  2. नशा को छोड़ने में ही भलाई है क्योकि दिल,फेफड़े लीवर को खराब करती है शराब

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